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सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन रही छोटे कवाली की दीदियां, 38 महिलाओं को मिला स्वरोजगार का अवसर

14 अक्टूबर 2026 1 घंटे पहले

छोटे कवाली में चला 30 दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण समापन में शामिल हुए सहायक श्रम आयुक्त

सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन रही छोटे कवाली की दीदियां, 38 महिलाओं को मिला स्वरोजगार का अवसर


छोटे कवाली। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से निरामया आरोग्य संस्थान एवं संसदीय संकुल विकास परियोजना के संयुक्त प्रयास से ग्राम पंचायत छोटे कवाली में आयोजित 30 दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का 13 अक्टूबर 2026 को समापन हुआ। इस प्रशिक्षण के माध्यम से गांव की 38 दीदियों को सिलाई-कढ़ाई का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान कर रोजगार के नए अवसरों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

यह प्रशिक्षण 7 सितंबर 2026 को ग्राम पंचायत छोटे कवाली में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित कर प्रारंभ किया गया था। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करना तथा अपने पैरों पर खड़े होने के लिए प्रेरित करना था। प्रशिक्षण के दौरान दीदियों को विभिन्न प्रकार के कपड़े सिलने और परिधान तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

ब्लाउज से लेकर सूट और फ्रॉक बनाने तक सीखा हुनर

30 दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षार्थी दीदियों को ब्लाउज, कुर्ती, पटियाला, सूट, प्लाजो, फ्रॉक सहित विभिन्न प्रकार के परिधान तैयार करने की विधियां सिखाई गईं। प्रशिक्षण में सिलाई के बुनियादी ज्ञान के साथ कपड़ों की कटिंग, नाप लेने और परिधानों को सही तरीके से तैयार करने जैसे जरूरी कौशल पर भी ध्यान दिया गया।

प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं में सिलाई के प्रति रुचि बढ़ाने और उन्हें भविष्य में स्वयं का सिलाई कार्य शुरू करने के लिए तैयार करने का प्रयास किया गया। इससे महिलाएं घर पर ही सिलाई का काम शुरू कर अपनी आमदनी बढ़ाने तथा परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।

लिखित परीक्षा के बाद प्रमाण पत्र वितरण

प्रशिक्षण के अंतिम चरण में प्रशिक्षार्थी दीदियों के ज्ञान का मूल्यांकन करने के लिए लिखित परीक्षा भी आयोजित की गई। 13 अक्टूबर को आयोजित समापन कार्यक्रम में सभी प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। साथ ही दीदियों का उत्साह बढ़ाने और उनके बेहतर प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पुरस्कार भी प्रदान किए गए।

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने महिलाओं को प्रशिक्षण से प्राप्त हुनर का उपयोग कर स्वरोजगार अपनाने तथा आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। इस तरह का प्रशिक्षण ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को कौशल विकास के साथ आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की रही उपस्थिति

समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में श्री भूपेंद्र नायक, सहायक श्रम आयुक्त, जगदलपुर तथा दुकारू राम बघेल, श्रम निरीक्षक उपस्थित रहे। इसके अलावा हरिराम मंडावी, मंडल अध्यक्ष भाजपा, नानगुर; लखीधर बघेल, उपाध्यक्ष भाजपा जिला बस्तर; हीरालाल ध्रुव, सरपंच ग्राम पंचायत छोटे कवाली; पी. आर. चालकी, प्रभारी संसदीय संकुल विकास परियोजना; प्रभाकर मेघ, निरामया आरोग्य संस्थान तथा प्रशिक्षिका ललिता नाग और तिलक नाग सहित अन्य अतिथि एवं समस्त प्रशिक्षार्थी दीदियां उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम के समापन पर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली दीदियों में उत्साह देखने को मिला। 30 दिनों तक सीखे गए कौशल के साथ अब ये महिलाएं स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त कर रही हैं। निरामया आरोग्य संस्थान एवं संसदीय संकुल विकास परियोजना की यह पहल ग्रामीण महिलाओं को हुनरमंद बनाने, रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

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Prabhakar Prabhakar

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