इंद्रावती पोस्ट
कुम्हरावंड में प्राकृतिक खेती पर प्रशिक्षण, किसानों को बताए जैविक खेती के फायदे
कृषि

कुम्हरावंड में प्राकृतिक खेती पर प्रशिक्षण, किसानों को बताए जैविक खेती के फायदे

शहीद गुंडाधुर कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र के ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (रावे) कार्यक्रम के तहत ग्राम कुम्हरावंड में प्राकृतिक और जैविक खेती को लेकर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया

संपादकीय डेस्क संवाददाता
21 अगस्त 2026 1 मिनट का पठन अपडेट: 2 घंटे पहले
साझा
साझा कीजिए व्हाट्सएप फ़ेसबुक एक्स टेलीग्राम ईमेल

जगदलपुर। शहीद गुंडाधुर कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र के ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (रावे) कार्यक्रम के तहत ग्राम कुम्हरावंड में प्राकृतिक और जैविक खेती को लेकर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. आर. एस. नेताम के मार्गदर्शन में हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को स्थानीय संसाधनों से खेती की लागत कम करने और पर्यावरण के अनुकूल खेती अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में रावे विद्यार्थियों और कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को जीवामृत बनाने की विधि बताई और उसका प्रदर्शन भी किया। मृदा वैज्ञानिक डॉ. थनेश्वर देवांगन ने कहा कि मिट्टी के स्वास्थ्य और उसकी उर्वरता को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए प्राकृतिक खेती जरूरी है।

किसानों को बताया गया कि गोबर, गोमूत्र, बेसन और गुड़ से तैयार जीवामृत मिट्टी में लाभकारी सूक्ष्मजीवों की सक्रियता बढ़ाने में मदद करता है। डॉ. नीता मिश्रा ने किसानों को जीवामृत के उपयोग और छिड़काव की सही विधि की जानकारी दी।प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने बीजों के प्राकृतिक शोधन के लिए बीजामृत बनाने की विधि भी बताई। इसके अलावा रासायनिक कीटनाशकों के विकल्प के रूप में अग्न्यास्त्र और ब्रह्मास्त्र जैसे जैविक कीट नियंत्रक तैयार करने की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में डॉ. चेतना खांडेकर, डॉ. खुशबू टंडन सहित बड़ी संख्या में गोपालक और स्थानीय किसान शामिल हुए। किसानों ने प्राकृतिक खेती की तकनीकों को सीखने में रुचि दिखाई और इन्हें अपने खेतों में अपनाने का संकल्प लिया।

लिखने वाले
संपादकीय डेस्क desk

इनकी सारी खबरें

रोज़ सुबह, एक बार

खबर आप तक, बिना एल्गोरिदम के।

दिन में एक बार, सिर्फ़ वही जो बस्तर के लिए मायने रखता है। कभी भी छोड़ सकते हैं, और आपका पता किसी को नहीं जाता।

न स्पैम, न विज्ञापन। सिर्फ़ खबर।

आज सूची