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नारायणपुर/बस्तर : अबूझमाड़ के बच्चों को मिलेगा पोषण का सहारा, रोजाना मिलेगा पौष्टिक नाश्ता

13 सितंबर 2026

नारायणपुर/ बस्तर :कुपोषण पर प्रहार, अबूझमाड़ के 13 हजार बच्चों को रोज मिलेगा पौष्टिक नाश्ता

  नारायणपुर/बस्तर : अबूझमाड़ के बच्चों को मिलेगा पोषण का सहारा, रोजाना मिलेगा पौष्टिक नाश्ता

नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की गई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के अंतर्गत जिले के प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत 13 हजार 15 विद्यार्थियों को अब प्रतिदिन निःशुल्क पौष्टिक नाश्ता उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के उद्देश्य से पौष्टिक लड्डू वितरण कार्यक्रम भी शुरू किया गया है।

इस महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ जिले के प्रभारी मंत्री टंक राम वर्मा एवं वन मंत्री केदार कश्यप द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान दोनों मंत्रियों ने स्वयं बच्चों को पौष्टिक नाश्ता परोसकर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर बच्चों में भी खासा उत्साह देखने को मिला।


476 विद्यालयों के बच्चों को मिलेगा लाभ

योजना को नारायणपुर और ओरछा (अबूझमाड़) विकासखंड के कुल 476 विद्यालयों में लागू किया गया है। इसके माध्यम से 13 हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रतिदिन पोषणयुक्त आहार उपलब्ध कराया जाएगा। प्रत्येक बच्चे को प्रतिदिन लगभग 150 ग्राम ताजा एवं पौष्टिक नाश्ता दिया जाएगा।

बच्चों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नाश्ते के लिए संतुलित मेन्यू तैयार किया गया है। इसमें पोहा-फलीदाना, सूजी का उपमा, दलिया, चना, खड़ा मूंग और मूंगफली जैसे खाद्य पदार्थ शामिल किए गए हैं। इन खाद्य पदार्थों में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा और अन्य आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास में सहायक होंगे।


676 रसोइयों को मिलेगा अतिरिक्त मानदेय

विद्यालयों में बच्चों के लिए नाश्ता तैयार करने की व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जिले के 676 रसोइयों को प्रतिमाह 800 रुपये का अतिरिक्त मानदेय भी दिया जा रहा है। इससे रसोइयों को आर्थिक सहयोग मिलने के साथ-साथ बच्चों को नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण नाश्ता उपलब्ध कराने की व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।


कुपोषण के खिलाफ दोहरी रणनीति

इस पहल में स्कूलों के बच्चों के लिए पौष्टिक नाश्ता और आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए पौष्टिक लड्डू वितरण—दोनों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य बच्चों में पोषण की कमी को दूर करना और उन्हें स्वस्थ विकास के लिए आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराना है।

अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में इस तरह की पहल का महत्व और भी बढ़ जाता है, जहां भौगोलिक परिस्थितियों के कारण शिक्षा एवं पोषण से जुड़ी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाना चुनौतीपूर्ण रहा है। नियमित पौष्टिक नाश्ते से बच्चों को विद्यालय आने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और पढ़ाई के दौरान उनकी एकाग्रता एवं सक्रियता बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।

स्कूलों में उपस्थिति और ठहराव बढ़ाने की उम्मीद

योजना का उद्देश्य केवल बच्चों को भोजन उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा को एक साथ मजबूत करना है। पौष्टिक नाश्ते से बच्चों को विद्यालय में नियमित आने के लिए प्रोत्साहन मिलने और उनकी उपस्थिति एवं ठहराव में सुधार की उम्मीद है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़े रखने में भी सहायता मिलेगी।

कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षक, ग्रामीणजन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित रहे। अबूझमाड़ के बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में यह पहल पोषण और शिक्षा के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में देखी जा रही है।

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