जगदलपुर : बस्तर दशहरा रथ निर्माण के लिए हर साल दरभा क्षेत्र से बड़ी मात्रा में लकड़ी ले जाने को लेकर स्थानीय वन समितियों और ग्रामीणों ने विरोध जताया। ग्रामीणों ने दरभा में लकड़ी लेने पहुंचे 16 ट्रकों को रोककर रखा। ग्रामीणों ने चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया और दशहरा समिति के अध्यक्ष एवं सचिव के नाम से दरभा तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं।
शनिवार को रथ निर्माण के लिए दरभा जंगल में पेड़ काटने को लेकर ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 30 दरभा बाजार स्थल के कोलेंग चौक में धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया और 8 सूत्रीय मांगों को लेकर दरभा सड़क का चक्का जाम कर बस्तर दशहरा रथ निर्माण के लिए पेड़ काटकर लकड़ी लेने पहुंचे वाहनों को चक्काजाम कर रोक दिया गया। चक्काजाम से राष्ट्रीय राजमार्ग 30 दरभा में घंटों तक जाम लगा रहा।
चक्काजाम से दशहरा के लिए लकड़ी लेने पहुंचे ट्रकों समेत दर्जनों वाहनों की लंबी कतार लग गई। ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन व चक्काजाम की जानकारी मिलते दरभा तहसीलदार सुनील ध्रुव, नायब तहसीलदार जयंत कुमार के अलावा वन विभाग के अधिकारी और दरभा थाना प्रभारी सुरेन्द्र पामभोई प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों के बीच पहुंचकर चर्चा की। बावजूद ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर डटे रहे और मांगों को मनवाने नारे लगाते रहे। चक्काजाम स्थल पहुंचे अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच घंटों बातचीत के बाद अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया कि आपकी बातों को दशहरा समिति व उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा, तब जाकर ग्रामीण ने चक्काजाम स्थल से हटे और आवागमन बहाल किया जा सका। बस्तर दशहरा रथ निर्माण लकड़ी ले
ग्रामीणों व वन संसाधन समिति ने की 8 सूत्रीय मांग
मांग पत्र के मुताबिक ग्रामीणों का कहना था कि बस्तर दशहरा में निर्माण रथ को 2 से 3 साल तक उपयोग में लाया जाए। बस्तर दशहरा समिति में बार हपाल छिन्दावाड़ा से 5 सदस्यों को सम्मिलित किया जाए। दरभा क्षेत्र का चोकावडीन गुड़ी निर्माण के लिए राशि स्वीकृत किया जाए। बस्तर दशहरा रथ निर्माण लकड़ी लेने आए प्रत्येक सदस्य को 300 रूपए मानदेय दिया जाए। इसके अलावा बारहपाल छिन्दावाड़ा के देवी देवताओं को दशहरा में दिए जाने वाला रूसूम दिया जाए।
जंगल मैदान में हो रहा तब्दील
ग्रामीणों का कहना है कि बस्तर दशहरा पूरे बस्तर संभाग का पर्व है, लेकिन रथ के लिए हर वर्ष मुख्य रूप से दरभा क्षेत्र से ही लकड़ी ले जाने के कारण यहां के जंगलों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से लकड़ी दिए जाने के कारण दरभा क्षेत्र के जंगलों का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो रहा है और क्षेत्र धीरे-धीरे मैदान होते जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि दशहरा रथ के लिए लकड़ी की व्यवस्था केवल एक क्षेत्र पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। बस्तर संभाग के चारों दिशाओं से आवश्यकता के अनुसार लकड़ी लाई जाए ताकि किसी एक क्षेत्र के जंगलों पर लगातार दबाव न पड़े l