इंद्रावती पोस्ट

​बाढ़ उतरने के बाद तबाही का मंजर: घर और खेत-खलिहान संवारने में जुटे ग्रामीण

30 सितंबर 2026

​आसना बस्ती के इतिहास में पहली बार घुसा पानी, कच्चे मकान पूरी तरह तबाह; बिजली भी 5 दिनों से ठप

​बाढ़ उतरने के बाद तबाही का मंजर: घर और खेत-खलिहान संवारने में जुटे ग्रामीण

​​जगदलपुर इंद्रावती पोस्ट: बस्तर क्षेत्र में बीते 3 दिनों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश और ओडिशा स्थित खातीगुड़ा बांध से पानी छोड़े जाने के कारण इंद्रावती नदी विकराल रूप धारण कर चुकी है। इसके चलते नगरनार से लेकर लोहंडीगुड़ा ब्लॉक के चित्रकोट तक नदी किनारे बसे सभी गांवों में भारी तबाही हुई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, वर्ष 2006 के लगभग 20 साल बाद नदी किनारे बसे लोगों को ऐसी भयावह स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। अब पानी कम होने पर गांव के जनप्रतिनिधि और ग्रामीण अपने-अपने क्षेत्रों में हुए नुकसान का ब्योरा जुटा रहे हैं।​ इंद्रावती नदी के उस पार स्थित शिवमंदिर वार्ड का आधा हिस्सा बाढ़ की चपेट में आ गया। स्थिति का जायजा लेने खुद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पहुंचे। भाजपा पार्षद निर्मल पाणिग्राही ने बताया कि मटकी/दोंगाघाट के करीब 320 मकानों में से 150 से 200 घर पूरी तरह डूब गए, जिससे मिट्टी और खपरैल के मकान नष्ट हो गए। वहीं, किसानों का सुरक्षित रखा गया पिछला अनाज भी पानी में डूबकर बर्बाद हो गया।दोंगाघाट से सटी आसना पंचायत में पहली बार घरों के भीतर बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया। गांव में पिछले 5 दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। किसान गिरजा प्रसाद पांडेय के मुताबिक, गांव के लगभग 30 कच्चे मकान ढह गए हैं जगदलपुर विधानसभा के शहरी क्षेत्र में करीब 3,000 और ग्रामीण इलाकों में 1,500 मकानों को नुकसान पहुंचा है।

नगरनार के पूर्व सरपंच लखन बघेल के अनुसार, भेजापदर में 80, नदीबोड़ना में 10, उपनपाल में 25, बेलगांव में 25, टलनार में 5, कोहकापाल में 75 तथा कुरुषपाल, कानापाल, कोरपाल और गुमडेल को मिलाकर लगभग 150 घरों को क्षति पहुंची है। इसके अलावा खेतों में खड़ी धान और मक्का की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है।


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Vijay Vijay

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