जगदलपुर, 29 सितंबर 2026। इंद्रावती नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर नदी तट और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। आज रात जलस्तर में और बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से राहत शिविरों या अन्य सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होने की अपील की है। वहीं, अधिकारियों और आपदा प्रबंधन दलों को भी पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
केंद्रीय जल आयोग, हैदराबाद की एडवाइजरी के अनुसार, ओडिशा के नबरंगपुर क्षेत्र में स्थित इंद्रावती नदी के ऊपरी हिस्से में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसके पीछे अपस्ट्रीम से आने वाले अतिरिक्त जल प्रवाह और जलाशयों से छोड़े जा रहे पानी को प्रमुख कारण बताया गया है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि का असर नदी के निचले हिस्सों में भी दिखाई देने की संभावना है।
29 सितंबर की सुबह जगदलपुर पहुंच सकता है बढ़े जलस्तर का असर
आयोग के अनुमान के मुताबिक बढ़े हुए जलस्तर का असर 29 सितंबर की सुबह करीब 2 बजे तक जगदलपुर पहुंच सकता है। जगदलपुर स्टेशन क्षेत्र में इंद्रावती नदी के जलस्तर में लगभग 60 सेंटीमीटर से 1 मीटर तक बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। जलस्तर तेजी से बढ़ने की स्थिति को देखते हुए प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है।
प्रशासन ने नदी के आसपास बसे गांवों और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
कलेक्टर ने राहत शिविरों में जाने की अपील की
स्थिति को देखते हुए कलेक्टर आकाश छिकारा ने इंद्रावती नदी तट के आसपास स्थित बस्तियों और गांवों के लोगों से समय रहते राहत शिविरों अथवा अन्य सुरक्षित स्थानों पर जाने का आग्रह किया है। प्रशासन का उद्देश्य जलस्तर बढ़ने की स्थिति में किसी भी संभावित जोखिम को कम करना और लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है।
कलेक्टर ने आपात स्थिति में बाढ़ नियंत्रण कक्ष, प्रशासनिक अधिकारियों और आपदा प्रबंधन टीमों के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। संबंधित विभागों को नदी के जलस्तर, निचले इलाकों की स्थिति और संभावित जलभराव पर लगातार नजर रखने के लिए कहा गया है।
प्रशासन की लोगों से अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। नदी का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाएं और बच्चों, बुजुर्गों तथा जरूरतमंद लोगों को विशेष प्राथमिकता के साथ सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाएं।
फिलहाल प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जलस्तर में होने वाले बदलाव के आधार पर आगे आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।