ऑनलाइन ठगी के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए सुकमा जिला पुलिस ने आम जनता को जागरूक करने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान छेड़ा है।
एसपी मयंक गुर्जर के निर्देशों तथा एएसपी रोहित शाह और मनोज तिर्की के मार्गदर्शन में जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले स्कूलों, हफ्तों में लगने वाले बाजारों और सार्वजनिक स्थलों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इस पहल का मुख्य मकसद अपराध घटित होने के बाद कार्रवाई करने की बजाय, लोगों को पहले ही सचेत कर ठगी से बचाना है। पुलिस की टीमों ने ग्रामीणों, दुकानदारों, युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को हिदायत दी कि वे अपना ओटीपी, एटीएम पिन, यूपीआई पासवर्ड या बैंक अकाउंट से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ शेयर न करें। पोलमपल्ली के साप्ताहिक बाजार में लोगों को ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड, फर्जी लिंक, संदिग्ध मैसेज और सोशल प्लेटफॉर्म्स के जरिए होने वाली धोखाधड़ी से बचने के गुर सिखाए गए।
'मैं साइबर क्राइम से मुक्त हूं' के लगे नारे
पीएम श्री स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल कुम्हाररास में करीब 250 विद्यार्थियों की मौजूदगी में विशेष साइबर अवेयरनेस सेशन हुआ। इसमें छात्रों को ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति अलर्ट करने के साथ-साथ क्यूआर कोड स्कैन करके इस अभियान से जुड़ने और सोशल मीडिया के जरिए दूसरों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। वहीं पुसपाल और दोरनापाल में विद्यार्थियों ने "मैं साइबर क्राइम से मुक्त हूं" जैसे नारों के साथ साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता का माहौल बनाया।
इसके अलावा किस्टाराम बाजार में फर्जी केवाईसी, फर्जी बैंक अधिकारी या पुलिस कर्मी बनकर की जाने वाली ठगी, झूठी लॉटरी/इनाम, ऑनलाइन गेमिंग और फर्जी इंवेस्टमेंट स्कीम्स के प्रति लोगों को आगाह किया गया। शैक्षणिक संस्थानों में पुलिस का यह अभियान काफी असरदार दिखा। तोंगपाल, मरईगुड़ा, कुकानार, पुसपाल, एर्राबोर और दोरनापाल समेत कई इलाकों में छात्र-छात्राओं को सेफ इंटरनेट और सोशल मीडिया यूज की टिप्स दी गईं। बच्चों को समझाया गया कि किसी अनजान लिंक पर क्लिक करना, संदिग्ध ऐप इंस्टॉल करना या अनजान शख्स को पर्सनल डिटेल देना काफी नुकसानदेह साबित हो सकता है।
जागरूकता ही सबसे मजबूत सुरक्षा कवच
पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर ने बताया कि पुलिस का यह कदम ऐसे दौर में बेहद जरूरी हो गया है, जब ग्रामीण अंचलों में भी डिजिटल पेमेंट और इंटरनेट का इस्तेमाल तेजी से फैल रहा है। हमारा मकसद साफ है कि साइबर क्राइम से बचने का सबसे आसान और असरदार तरीका खुद सतर्क रहना और आसपास के लोगों को जागरूक करना है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि किसी भी अज्ञात कॉलर, लिंक, मैसेज, लुभावने ऑफर या ऑनलाइन निवेश के झांसे में बिल्कुल न आएं। अपना पासवर्ड, ओटीपी और पिन कभी किसी को न बताएं। यदि साइबर फ्रॉड की घटना हो जाए, तो तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। सही और सुरक्षित डिजिटल तरीके अपनाकर लोग खुद के साथ अपने परिवार व समाज को साइबर अपराधों से सुरक्षित रख सकते हैं।